चाय पीते पीते टीवी भी देख लिया करता. हिंदी XXX वो पूरी तरह से मस्त हो चुकी थी ओर कह रही थी आप ओर मत तड़पाओ कब कुछ करो ना.तो मैने अपना लंड जो उसके चूत के दाने पर था को आगे की तरफ धकेल दिया… कसम से यारो… उसकी चीख ही निकल पड़ी… ये तो मेरे को एक्सपीरियेन्स था… कि मैने उसके मूह पर हाथ रख कर उसकी चीख को बंद कर दिया था… वरना कसम से यारो मैं तो मारा ही जाता…वो बोली की अंकल जी इसको निकाल दो नही तो मैं मर ही ज़ाउन्गि… मैने कहा कि कोई बात नही अब दर्द नही होगा… लेकिन फिर भी वो बोली की नही मुझे नही चुदवाना आप इसको निकाल लो नही तो मैं माँ को बता दूँगी… मैने कहा की कोई बात नही है बस थोड़ी देर रुक जाओ मैं तुम्हे दर्द नही होने दूँगा…इस पर वो कुछ नही बोली मैने उसकी चूत मे अभी भी लंड को जो कि थोडा सा ही घुसा हुआ था को घुसाए रखा था… 2 मिनूट के बाद मैने उससे पूछा की अब दर्द हो रहा है कि नही तो वो बोली कि नही अब दर्द नही हो रहा है अब मेरी चूत मे दोबारा खुजली शुरू हो गयी है.अब तो आप इसे घुसा ही दो अब मुझसे ओर बर्दास्त नही होता चाहे मेरे को कितना ही















