बात सर्दियों के दिनों की हैं! XXX Hindi चिल्ला रही थी।थोड़ी देर में ही वह सामान्य हो गई और उसे भी मजा आने लगा। अब मैं भी पूरा लण्ड उसकी गांड में बार बार अंदर-बाहर कर रहा था। काफी देर तक चुदाई करने के बाद मैं उसकी गांड में झड़ गया। इस तरह उसकी गांड और चूत की चुदाई पूरी रात चलती रही। उसके बाद उसने मुझे अपनी सहेली यानि रूम पार्टनर से भी मिलवाया। उसकी चुदाई की कहानी बाद में!अपने दोस्तों के साथ शेयर करे- मैं मजबूर हूँ!उसने मुझे खड़े होने के लिए कहा और खुद भी अपनी सीट से खड़ी हो गई। लेकिन मैं खड़ा नहीं हुआ। अब वह खड़ी होकर मेरे लण्ड को निहार रही थी। ऐसा लग रहा था कि वो लण्ड से खेलना चाहती थी। मैंने हाथ से लण्ड को नीचे कर दोनों टांगों के बीच में लण्ड को दबा लिया। अब मैं अपने आप को सुरक्षित महसूस कर रहा था और उसी दशा में मैं सीधा खड़ा भी हो गया।उसने मेरा नाम पूछा और कहा- तुम क्या छिपाने की कोशिश कर रहे हो? मैं मजबूर हूँ!उसने मुझे खड़े होने के लिए कहा और खुद भी अपनी सीट से खड़ी हो गई। लेकिन मैं खड़ा नहीं हुआ। अब वह खड़ी होकर मेरे लण्ड को निहार रही थी। ऐसा लग रहा था कि वो लण्ड से खेलना चाहती थी। मैंने















