तभी आशीष उनसे बोला कि तुम यहीं पर रुको में तुम्हारा मन पसंद केक लाया हूँ. तब उन्होंने मुझे उठाया और में मुहं धोकर उन्हें छोड़ने चला गया.वो मेरे पीछे स्कूटी पर मुझसे एकदम चिपककर बैठी हुई थी, जिसकी वजह से मेरे बदन पर उनके बूब्स पीछे से मुझे छूकर गरम कर रहे थे. हिंदी XXX फिर मेरी दीदी के साथ लेटकर वो फिल्म देखने गया और तब तक शाम हो चुकी थी. तभी आशीष ने जोश में आकर उसका सर पकड़कर नीचे कर दिया. दोस्तों अब तक में भी उन दोनों को देखकर पूरी तरह से जोश में आ चुका था. फिर कुछ देर साथ में बैठकर इधर उधर की बातें और हंसी मजाक करने के बाद बाहर आईसक्रीम खाने चले गये और तब मेरे थोड़ा ज़ोर देकर पूछने पर उन्होंने मुझे आशीष के बारे में सभी बातें सच सच बताई. तब मैंने देखा कि वो गाड़ी मेरे घर के बाहर खड़ी हुई है, उसको देखकर में तुरंत समझ गया कि यह मेरी दीदी का बॉयफ्रेंड आशीष ही होगा.इसलिए वो बात सोचकर मैंने अपने बेग को मेरे दोस्त के घर पर ही छोड़ दिया और अब में अपने मकान के पीछे से एक खिड़की को खोलकर मेरे रूम में आ गया और तब मैंने देखा कि पास वाले रूम में मेरी दीदी और उनका बॉयफ्रेंड आशीष है, मुझे उसकी बातें करने की आवाजे















