तब से आग और भड़क गयी. हिंदी XXX बेटा मेरी बुर को काटे जा रहा था. “चोदो मेरे अनमोल खुब चोदो… मेरी बुर का चबूतरा बना दे… बेचारी अब तक गाजर से काम चलाती रही है…. “दर्द हो रहा है मम्मी?” “हां रे बहुउउत” उसने अपना लंड निकला और बोला “मम्मी इसे खूब चाटो और थूक से पूरा गीला कर दो.” मैंने उसके लंड को खूब चूसा और थूक लगा लगा कर गीला कर दिया. आज इतने सालो बाद चुदवाउंगी… तू चोदेगा ना बेटा मुझे?”“हाँ मम्मी चोदुंगा.”वो खड़ा हुआ और फिर उसने मेरी टांगे फैला कर अपना लंड मेरी बुर के मुँह पे रखा और एक धक्का दिया. फिर अनमोल ने मेरी खूब चुदाई की मैंने भी उसका खूब साथ दिया.वो ऊपर से धक्का लगा रहा था मैं नीचे से गांड उछाल कर चुदवा रही थी. पहली बार किसी और ने मेरी बुर छुई थी उसे छठा था. माँ चुदाये तृप्ति साली बुर का घमंड दिखाती है… मेरी मम्मी की बुर के सामने कुछ भी नहीं है…” और इस तरह हमारी चुदाई शुरू हुई… थोड़ी देर बाद हम दोनों शांत हो गए अनमोल ने बुर चोदने के बाद लंड का पानी मेरे बूब्स पे डाल दिया जिससे मैंने उनकी मालिश कर ली. मेरे मुँह से आआआहहहहहहह अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह निकल रहे थे.















