क्योंकि एक औरत के रूप में तो आपको अपने लिए ऐसा ही मर्द पसन्द है पर बेटी के लिए…आप भूल रहीं हैं कि कल जब वो औरत बनेगी तो उसे भी ऐसा ही मर्द पसन्द आयेगा और जहाँ तक योज्ञता का सवाल है शायद आप मेरे बारे में ये नहीं जानती कि मैं भी अपने क्लास में अव्व्ल आता हूँ आप आँचल से दरयाफ़्त कर सकती हैं आँचल के लायक बनने के बाद ही मैं आपसे उसका हाथ माँगूँगा। फ़िर आप मेरी……?”मिश्रा आण्टी मेरा धुँआधार लेक्चर सुन सकपका गयीं क्योंकि वो ये समझ गयीं कि अगर वो आँचल से मेरे रिश्ते से इन्कार कर दें तो जाहिर है मैं बुरा मान जाऊँगा और वो चुदने से रह जायेंगी, पर इतनी देर के खेल खिलवाड़ और लण्ड का सुपाड़ा अपनी चूत पे रगड़ते रगड़ते अब चुदास से पागल होने को आगयी थीं. XXX Hindi बताती हूँ जरा सबर तो करो।”मिश्रा आन्टी –“मुझे जिज्ञासा हो रही है कब तक सबर करूं पहले कह रही थी कि रसोई का काम खतम कर के बताऊँगी।”शोभा चाची –“अरे ये अभी अभी सोते से उठ के आया एक मिनट चैन से लड़के को बैठने तो दे।”उनकी बातचीत से मुझे भी जिज्ञासा हुई कि ऐसी क्या बात है सो मेरे मुँह से निकला मैं ठीक हूँ आप हुकुम करें।मिश्रा आन्टी –“देख अबतो ये भी कह रहा है शाबाश बेटा!”शोभा चाची –“ओफ़्फ़ोह















