अपनी गान्ड की तरह?”तभी वो जोर से हंसने लगी।फिर मैने कहा, “अब हंसना होगया हो तो थोड़ा मजा हमे भी ले लेने दो।”तभी भाभी ने बिना देर किए मुस्कुराकर अपना काला पेटिकोट मेरी तरफ बढ़ा दिया। मैंने उसे उतारा तो पाया की अंदर भी सुगंध मारती हुई देसी स्टाइल चड्डी है। जोकि बोहोत महक रही है। और सारा अंदर का जंगल भी उसके बाहर समा रहा है।तभी भाभी को मैने कहा, “भाभी, ये गार्डन की खुशबू में जंगल के पेड़ कहा से आ रहे है?”तभी वो हस पड़ी और कहने लगी, “अरे वो मुझे उसे काटने का शोक नही।”तभी मैने ओके कहके चड्डी सुंघना शुरू किया। उसकी सुगंध से मुझे इतना नशा चढ़ गया। मैने नशे में भाभी की चड्डी ही फ़ाड़ दी चूत की तलाश में।भाभी आह चिल्लाई जोर से और बोली, “छोटे भैया, ये क्या किया आपने?”तो मैने कहा, “ये तो कुछ नहीं भाभी, आगे देखो आप।”तभी वो मुस्कुरा दी। अब मैने उनकी बालों से भरी चूत को सहलाना शुरू किया। फिर सारी ज़बान अंदर घुसा के चाटने की कोशिश करने लगा। मेरा ऐसे करने से भाभी की आवाज़, ‘आह आई’ आने लगी। और मेरा लोड़ा बोहोत सख्त होगया। तभी मैने उन्हे उठने को कहा और बिना उनसे कुछ कहे पूछे उन्हे कुतिया बना दिया। और गान्ड को ढूंढने लग गया। तभी गान्ड पार तीन बार जोर से थप्पड़ मारा।भाभी















