पीछे से मौसी का भोसड़ा बड़ा ही विशाल और वैभव से भरा लग रहा था. पर दोस्तों ये बात आज से ३० ४० साल पहले लागू नही होती थी. हिंदी XXX मानना होगा उपर वाले का.मैं यही सब सोच रहा था और फूलनदेवी मौसी के मम्मो से खेल रहा था. फिर धीरे धीरे मंजिले मिलने लगी. वो जान गयी की उनका ये बेटा उनको चोदना चाहता है. इस दौरान मैंने अपने असलहे को फूलनदेवी मौसी की चूत में भी गाड़े रखा.फिर कुछ देर बाद अपने लौड़े की ट्रेन मौसी के भोसड़े में फिर से स्टार्ट कर दी. फूलनदेवी मौसी के गाल में हल्के हल्के गड्ढे थे जो सिर्फ पास से देखने पर ही दिखते थे. पर कभी कभी थोडा मस्ती में आ जाती थी और जोर जोर से ‘आ आहा हा हा हूँ हूँ !!’ करके चुदवाती थी. मौसी मेरा लौड़ा और मेरी मेरी गोलियां पीने लगी. हाँ, मैं जानता हूँ की ये नाम आपको पुराना जरुर लेगेगा पर दोस्तों, आज से २० ३० साल पहले ये नाम काफी प्रचलित था. मैंने उसको बाहों में भर रखा था. इसका रिसल्ट ये हुआ की नानी की ५ लडकियाँ दना दन होती चली गयी.















