नीचे से मैं भी अपनी कमर उचकाने लगी।देव अंकल मेरी तरफ से प्रत्युत्तर पाकर और भी मस्ती में आ गए.. XXX Hindi तो मैंने पूछा- देव अंकल आपने बताया नहीं कि अपने बेडरूम में आज तक किसी और को क्यों नहीं जाने दिया.. फिर नहा कर बाहर निकले और कपड़े पहन कर ख़ान खाने के बाद सो गए।अपने दोस्तों के साथ शेयर करे- जिससे मेरे जिस्म की आग और भी भड़क उठी।एक हाथ से अपनी चूचियों को.. तब भी गेंद मेरी गाण्ड में नहीं घुस रही थी। तब देव अंकल मेरे क़रीब आए.. तुम्हारा यह पोरशन तो लाजवाब है.. वह मेरे मम्मों और निपल्स को बारी-बारी से चूस रहे थे।मैंने अपने दोनों हाथों से देव अंकल का चेहरा पकड़ लिया.. मुझे लगा कि मैं पूरी ताक़त से उनसे चिपट जाऊ।देव अंकल मेरी यह हालत अच्छी तरह महसूस कर रहे थे.. बहुत अच्छा लग रहा है.. तुम अब मेरी जान बन गई हो.. एक भी बाल नहीं है, कुदरती तौर पर चिकनी और एकदम गोरी.. मम्मी अमेरिका जाने की तैयारी में लग गए और तय तारीख को जब उन्हें फ्लाइट पकड़नी थी.. और बोला- नहीं देव अंकल.. मेरी जांघों के बीचों-बीच सटासट उधम मचा रहा था.. पेट के अन्दर की सफाई ऐसे तो कोई नहीं करता होगा।देव अंकल बोले- हाँ आमतौर पर लोग नहीं करते.. कभी मेरे होंठों को चूसते..










