मेरी सिगरेट खत्म होते ही मैंने मौसा जी की कार को वहाँ से जाते हुए देखा और फिर बहुत कुछ सोच विचार करके मैंने अपने मन में फ़ैसला किया कि यह सब मम्मी मेरे लिए कर रही है और मम्मी की खुद की भी तो कुछ ज़रूरत और चाहतें है, इसलिए में इस बात को अब हमेशा के लिए अनदेखा कर दूँगा और मम्मी को भी कभी यह पता नहीं चलेगा कि में भी अब यह बात जान गया हूँ. हिंदी XXX मम्मी के मुहं से बड़ी ही मजेदार सिसकियाँ निकली.और यह सीन देखकर मेरे लंड में भी दोबारा जान आ गई और मेरा हाथ अब अपने लंड पर फिसलने लगा और उधर मौसा जी ने फिर धक्का मारा और अब उनका आधा लंड मम्मी की गांड के अंदर था. तो मम्मी उनकी इस बात का मतलब समझकर मुस्करा पढ़ी और फिर मम्मी बेड पर एक कुतिया वाली पोज़िशन में सेट हो गयी.मौसा जी उठे और उन्होंने पास की ड्रेसिंग टेबल से तेल की एक छोटी बोतल को उठाया और उससे थोड़ा तेल निकालकर अपने लंड पर लगा लिया. अब मेरी मम्मी और मौसा जी एक दूसरे को बहुत प्यार से धीरे धीरे सहला रहे थे और इतने में मम्मी मेरे मौसा जी की तरफ देखकर मुस्कुराई और वो उनसे बोली कि में अभी आई.मम्मी ने अपने शरीर के ऊपर से वो चादर हटाई















