लाइब्रेरी के पीरियड में मैं स्पेशल सेक्शन में एक किताब ढून्ढ रही थी के तभी पीछे से आ कर मुझे उत्तम सर ने पकड़ लिया और बोले क्या ढून्ढ रही हो.उनका लंड मेरे चूतड़ को छु रहा था और उनके हाथ मेरे मुम्मो पर थे. चलो पहले मैं अपने बारे में कुछ बता देती हूँ. हिंदी XXX मैंने कहाँ की यह क्या कर रहे हो सर? सर बोले की प्यार कर रहा हो तुम्हे. आज इतना चोदुंगा की याद रखोगी.सर ने अपनी उँगलियों को बाहर निकला और मेरे मुंह में डाल दी. उस दिन के बाद तो जब भी हमें मौका मिलता हम दोनों मिल के चुदाई करते.अपने दोस्तों के साथ शेयर करे- मैं अपने स्कूल की वॉली बॉल टीम मैं थी और मोस्टली मेरा टाइम खेलने में ही निकल जाता था.स्पोर्ट्स में ज्यादा टाइम रहने की वजह से मैं प्लेग्राउंड में टीशर्ट और साइकिलिंग शॉर्ट्स ही पहना करती थी. स्कूल में और बाहर सभी लड़को का लंड मुझे देखते ही खड़ा हो जाता है. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.उनका लंड बहुत मोटा और लम्बा था. मेरे चूत में से जूस बह रहा था. एक दिन प्रैक्टिस के बाद मैं काफी थक गयी थी और एक किनारे मैं बैठी हुई थी की तभी उत्तम सर मेरे पास आ कर बैठ गए. पर मुझे भी बहोत अच्छा लगा. “Kunwari Ladki















