वो भी उछल उछलकर गालियाँ देकर चुदवा रही थी.तभी मेरी नज़र दरवाज़े की और गयी तो में देखकर हैरान एकदम से हो गया, क्योंकि मैंने दरवाजे पर अपनी सास को खड़ा हुआ देखा और मैंने देखा कि वो हमारी चुदाई को बहुत ध्यान से देखकर अपनी उंगली से अपने आपकी चुदाई कर रही है और मेरी सास ने भी देख लिया कि मैंने उनको दरवाज़े से देख लिया है, लेकिन मैंने अब भी ज़ोर की चुदाई चालू रखी और 15 मिनट के में मालती की मोटी गांड में झड़ गया और हम दोनों लेट गये.फिर मैंने देखा कि मेरी सास भी अब वहां से चली गयी और तब से लेकर आज तक में मालती की हफ्ते में एक दो बार चुदाई जरुर करता हूँ और अब वो एक लड़की की माँ बन चुकी है इसलिए अब चुदाई में और भी मज़ा आता है. एक दिन में अपनी बीवी से मिलने अपने ससुराल गया हुआ था. हिंदी XXX तो मालती ने कहा कि ठीक है और वो दवाई की ट्यूब लेने बेडरूम में चली गई. उसकी गुलाबी कलर की निप्पल बड़ी और कड़क हो चुकी थी और उसके आधे बूब्स मेरे मुहं में थे. फिर मैंने उसकी टी-शर्ट के ऊपर से उसके बूब्स को दबाना शुरू किया.पहले धीरे से और फिर एकदम जंगली जानवर बनकर और उसके मोटे मोटे बूब्स मुझे मस्त कर रहे थे.















