उसने निचे से किश करते हुए ऊपर चढ़ा, और मेरे होठ पे अपना होठ रख दिया मैंने उसके लण्ड को पकड़ कर अपने चूत पे सेट की और उसने एक झटका दिया.और विशाल का लण्ड मेरे चूत में समा गया, मैं धन्य हो गई उसके मोटे लण्ड को अपने चूत में पाके, मैं अपनी गांड उठा उठा के ऊपर निचे करने लगी. XXX Hindi वापस आते ही टेबल से लग कर लड़खड़ा गई और गिरने लगी, तभी मुझे विशाल ने सम्भाला, मैंने गिरते गिरते बची. मेरे मुह से सकून भरा आह निकल रहा था, दोस्तों कभी वो ऊपर मैं मैं ऊपर दोनों एक दूसरे के वासना को शांत की और झड़ गई. विशाल ने कहा माँ जी हट जाओ, नहीं तो ये रिश्ता रिश्ता ना रहेगा और इसके आगे बढ़ जायेगा.मैंने कहा पिछले रिश्ते को ढोने कौन बैठा है विशाल, मेरा जी कर रहा था पुराने रिश्ते को मिटा कर एक नए रिस्ते के तरफ चले, मैं भी अकेली बोर हो गई हु, विशाल बोला पर माँ जी वर्तिका का? और मैंने स्लीवलेस नाइटी पहन ली, अंदर मैंने ब्रा नहीं पहनी और बाल को ऊपर बाँध ली, वापस आते ही, एक एक पेग का नशा था हम दोनों में.विशाल देखते ही बोला क्या बात है माँ जी, क्या लग रही थी.















