ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.अब मुझे उसकी आँखों में रंगीन डोरे नजर आ रहे थे. हिंदी XXX अब मैं मॉर्निंग और इवनिंग दोनों वक़्त ज्यादा एक्सरसाइज करने लगा. इस तरह हम करीब 7-8 दिनों तक चुदाई करते रहे किसी को पता भी नहीं चला. सुबह के करीब 6:15 का टाइम था जैसा की विंटर में होता है अँधेरा था. सुबह के करीब 6:15 का टाइम था जैसा की विंटर में होता है अँधेरा था. जाते ही मैंने गरिमा को अपनी बाँहों में भर लिया और ताबड़ तोड़ उसे चूमने लग गया.गरिमा ने कहा “मेरे राजा इतने बेसब्र न बनो आने वाली 7 रातें और सातों दिन मैं तुम्हारी ही हूँ पहले खाना वाना खा लेते हैं फिर रात भर प्यार ही तो करना है.”मुझे उसकी बात अच्छी लगी और मैंने उसको 2 गिलास लाने को कहा. वक़्त की नजाकत को समझते हुए मैंने उसे घुमाया और उसकी नाईटी को ऊपर किया और अपना फनफनाता लंड बाहर निकाला.उसका हाथ पीछे करके उसके हाथ में दिया तो वोह बोली “उफ़ ये तो कितना टाइट और गरम हो रखा है और कितना बड़ा है.” मैंने उस से कहा “गरिमा मेरी जान अभी कुछ मत कहो जो कहना है बाद में कह लेना अभी इसे इसका काम करने दो.” ये कहते हुए मैंने गरिमा को झुकने को कहा.















