अमित भी उसके लंड को अपने हाथों में नही ले पा रहा था.अमित उसके लंड को हिला रहा था और साथ ही चूस्ते जा रहा था, अचानक ही शुभम के लंड ने अपना पानी छोड़ दिया. हिंदी XXX उसके हर धक्के के साथ मेरी पीठ दीवार मे धँस जाती. श्वेता को भी मज़ा आ रहा था.मुझे खुद पर विश्वास नही हो रहा था, मुझे उसकी चूत का स्वाद इतना अच्छा लगा कि मेने अपनी जीब को एक त्रिकोण का आकर देकर उसकी चूत मे घुसा दी. अब वो मेरी गांद पर अपने हाथ से धीरे धीरे तेल लगाने लगा. मेरी चूत भी इनकी चुदाई देख गीली हो गयी थी. मुझे पता तब चला जब मेने शुभम की आवाज़ सुनी, “किताब पढ़ी जा रही है.”मेने तुरंत अपना हाथ अपने नाइट गाउन की तरफ बढ़ाया पर शुभम ने मेरे गाउन को मेरी पहुँच से दूर कर दिया था. में सोच कर तुम लोगों को बता दूँगी.” मेने जवाब दिया.मेने देखा कि शुभम का लंड एक बार फिर खड़ा हो रहा था. मैं ज़ोर ज़ोर से लंड चूसने लगी इतने में शुभम जाग गया और उसके मुँह से सिसकारी निकल पड़ी, “हााआअँ प्रीईटी चूऊसो ईसीईईई चतत्तटो मेरी लंड को.”उसकी टाँगे अकड़ रही थी और में समझ गयी कि थोड़ी देर की बात है और वो झाड़ जाएगा.















