भारतीय नारी की गर्म देह की कहानी

..ईईईईईईई… ओह्ह्ह्हह्ह. हिंदी XXX ये तो किसी के भी साथ हो सकता है”।मै-“भैया मै वो दोनों हाथ में कपड़ा पकडे हुई थी”।भैया-“लेकिन कुछ भी हो कमाल की हो।मै-“मैं वो वो!!!”कर ही रही थी तो उन्होंने कहा। तुम्हारी दीदी मालती भी ऐसे ही थी। वो भी कभी कभी ऐसे ही किया करती थी।मैं-” लेकिन मैं आपकी बीबी मालती तो नहीं हूँ.”भैया-” काश तुम मालती ही होती”.मै-“भैया आपको बहुत याद आती है दीदी”.भैया-“बहुत याद आती है उसकी। ज्यादा याद तो तब आती है जब मैं बिस्तर पर अकेला होता हूँ”।भैया मुझसे अब खुलके बात कर रहे थे। अब उनकी भी नियत बिगड़ने लगी रही थी।मैंने कहा-“आपके बिस्तर की याद ख़त्म हो सकती है”।भैया ने बड़े गौर से मेरी तरफ देखा। और बोले-“कैसे हो सकती है”।मैने कहा-“अगर आप गलत नका समझो हमे तो” मैं आपकी मदद करनी चाहती हूँ। भैया ने बड़े प्यार से मेरी तरफ देखा। रात के करीब 9 बज गये।भैया-“तुम मेरी मदद करोगी”।मैने कहा-” बिलकुल करूंगी”। करूंगी क्या मैं तो आपको अब कभी याद भी नही आने दूँगी।भैया ने मुझे देखा। खाना खाकर अपने रूम में चले गए। मैंने उनके रूम में घर का सारा काम करके आ गई। भैया मेरे जी इंतजार में बैठे थे। भैया का लंड खड़ा मेरी चूत की ही प्रतीक्षा कर रहा था। भैया के पास आकर मैंने उनके बेटे को लिटाकर लेट गई। मै और भैया खूब ढेर

भारतीय नारी की गर्म देह की कहानी

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