तो मैं बता दी की २८ साल की, फिर वो मेरे पति के बारे में पूछे तो मैं बता दी, वो अब इस दुनिया में नहीं हैं.फिर वो मेरे घरवाले के बारे में पूछे मैंने कह दिया वो लोग मुझे घर से निकाल दिए है, बाबा बोले कब से यहाँ पर हो, मैं बोली मैं अठारह दिन से यहीं हु, बाबा जी मेरा कोई नहीं है इस दुनिया में, आपके आश्रम में मुझे बहुत शांति मिलती है, मैं यही सेवा करती हु, और करती रहूंगी.बाबा अपने एक आदमी को बुलाया, और बोले आज तुम इसका ड्यूटी मेरे शयनयान में लगा दो, वहां से तुम शोभा को हटा देना, और आज इसके लिए, कपडे ले आओ, और बोले शाम को तुम मुझसे मिलना, और उस आदमीं को बोल दिए की इसको शाम के आठ बजे लेके आ जाना.इतना कह कर चले गए, मैं खुश हो गई, क्यों की यहाँ हजारों लोग है, पर मुझे बाबा के करीब रहने का सौभाग्य प्राप्त हुआ, मैं खुश थी. हिंदी XXX उसके बाद क्या बताऊँ दोस्तों शयनयान में आने के पहले हम लोग को एक ग्लास केसर का दूध पिने को दिया गया था, शायद उसमे कुछ नशीला पदार्थ था, क्यों की मन हल्का और मदहोशी छा रही थी.नाचते नाचते मस्त हो गई थी, अब एक भजन ख़तम हुआ फिर, दूसरी लगी, वो भजन के पहले सारी परियां, एक















