अई… अई… मम्मी….” की आवाज निकाल दी। मैंने अब धीऱे धीऱे से संध्या को चोदना शुरू किया।संध्या की आवाज धीऱे धीऱे कम हो गई। मैंने फिर से संध्या को जोर जोर से चोदने लगा। संध्या को भी अब चुदवाने में मजा आ रहा था। मैंने अपना लौड़ा जड़ तक संध्या की चूत में पेलने लगा। संध्या भी अब अपनी कमर उठा उठा कर चुदवाने लगी। संध्या अब मेरा साथ देने लगी।मैंने संध्या को उठाया। संध्या को मैंने झुकाकर उसकी चूत में अपना लौड़ा घुसा दिया। संध्या को भी अब चुदवाने का आंनद प्राप्त हो रहा था। मैंने अपना लौड़ा संध्या की कमर पकड़ कर चोदने लगा। संध्या की कमर को पकड़ कर मेरे चोदने की स्पीड बढ़ गई।मैं अपना लौड़ा गपा गप पेल रहा था। मैंने संध्या की चूत से अपना लौड़ा निकाला। मै नीचे ही लेट गया। संध्या को मैंने अपने लंड पर बैठने को कहा। संध्या ने ब्लू फिल्म देखी थी। उसी तरह से अपनी चूत में मेरा लौड़ा सेट करके चुदवाने लगी। संध्या अपनी कमर को उठा उठा कर चुदवा रही थी। मैं भी अपना लौड़ा ऊपर उठा उठा कर चोदने लगा। मेरा पूरा लौड़ा संध्या अपनी चूत में अंदर तक ले रही थी। मैंने संध्या को आज सिर्फ चोदने की सोची थी।संध्या ने अपनी गांड को बाद में मरवाने को कहा। संध्या और हम दोनों झड़ने वाले हो















