ओहः।मै – (ओह इसका मतलब बहु जानबूझ कर सोने की एक्टिंग कर रही थी उसे पता था की वो बिस्तर से बाहर नहीं निकल सकती)। नहीं नहीं बहु उसे पता नहीं चला होगा की चादर के अंदर तुम नंगी हो। तुम चिंता मत करो।हर्षिता- सच में बाबूजी?मै – हाँ.हर्षिता – बाबूजी मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा ये सब क्या हो रहा है क्यों हो रहा है प्लीज बाबूजी आप रात को इतना बहक जाते हैं मैं आपको कण्ट्रोल नहीं कर पाती आखिर आपको हुआ क्या है क्यों मेरी ज़िन्दगी बर्बाद कर देना चाहते हैं?मै – नहीं बहु। ऐसा मत बोलो मैं तुम्हे कभी बदनाम नहीं होने दूंगा। मैं कल रात कुछ ज्यादा ही जिद्दी हो गया था मुझे माफ़ कर दो बहु।हर्षिता – ठीक है बाबूजी। लेकिन मैं अपने आप को और प्रॉब्लम में नहीं दाल सकती। आप प्लीज सूरजभान अंकल को अपने घर जाने के लिए कह दिजिये वो यहाँ क्यों रुके हुए हैं?मै – बहु। सूरजभान तुम्हारी जिस्म के ख़ूबसूरती पाने के लिए रुका हुआ है मैं क्या बहाना करके उसे अपने घर भेजूं?हर्षिता – आप मर्दो का क्या प्रॉब्लम है? XXX Hindi मेरे अंदर काफी सारे सवाल आ रहे थे मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था की मैं अपनी बहु के साथ इतना कुछ कर सकूँगा वो भी इतनी जल्दी।बीते रात की बात सोच मेरा लंड खड़ा















