नहीं… अब मैं एक सम्पूर्ण औरत हूँ और आप एक सम्पूर्ण मर्द… हम वही कर रहे हैं जो एक मर्द और औरत के बीच में होता है।”रिया ने मेरा लण्ड थाम लिया और मसलने लगी। मेरी आह निकल पड़ी। जवानी लण्ड मांग रही थी।मेरा सारा शरीर जैसे कांप उठा,”देखा कैसा तन्ना रहा है… बहू!”“बहू घुस गई गाण्ड में पापा…रसीली चूत का आनन्द लो पापा…!” रिया पूरी तरह से वासना में डूब चुकी थी। मेरा पजामा उसने नीचे खींच दिया। मेरा लौड़ा फ़ुफ़कार उठा।“सच है रिया… आजा अब जी भर के चुदाई कर ले… जाने ऐसा मौका फिर मिले ना मिले।” मैं रिया को चोदने के लिये बताब हो उठा।“मेरा पजामा उतार दो ना और ये टॉप… खीच दो ऊपर… मुझे नंगी करके चोद दो … हाय…”“पापा मार दो गाण्ड … जरा जोर से मारना… मेरी गाण्ड भी बहुत प्यासी है…अह्ह्ह्ह्ह”मैंने लण्ड खींच के निकाला और दबा कर अन्दर तक घुसा डाला… रिया ने अपने होंठ भींच लिये… उसे दर्द हुआ था…“हाय राम… मर गई… जरा नरमाई से ना…”“ना अब यह जोश में आ गया है… मत रोको इसे… मरवा लो ठीक से अब!”दूसरा झटका और तेज था। उसने आँखें बंद कर ली और दर्द के मारे अपने होंठ काट लिये। मैंने लण्ड निकाल कर उसकी गाण्ड की छेद पर थूक का लौन्दा लगाया और फिर से लण्ड घुसा डाला। इस बार उसे















