की मैं थोड़ी और फ्रैंक हो गई… हमारे हसीं अंगत पले मैंने तुजसे शेयर किए… अब तो मुझे उसमे भी अपराध भाव नजर आ रहा है… की मैंने गलत किया….मैं: अरे भाभी बस… बस प्लीज़… मैं तो बस अरे आप कहो वो माफ़ी मांगने के लिए तैयार हूँ… तू गर्लफ्रेंड है मेरी… मैं तुजे दुखी नहिं देखना चाहती… प्लीज़ प्लीज़ मत रोइए… वैसे १० आउट ऑफ़ १० ज़रूर थी आप… (मैंने बात बदल ने की कोशिश की.)भाभी: (थोडा गुस्सा शांत तो हुआ पर थोडा शरमाई) पर तूने तो फिर भी गलती निकाली… हुह…मैं: अरे एक ही तो गलती निकाली थी वो के टॉवल पहन के आना था…भाभी: नहीं… गोटे मुह में लेना?मैं: हा हा हा हा… वो तो सब सजेशन थे…भाभी: ह्म्म्म्म, तू कभी अपने भाई को बोलेगा नहीं न?मैं: भाभी तू मेरा पहला प्यार है.. XXX Hindi माँ न बनने की?भाभी: हा हा हा… तू वो मत सोच… वो मुझपे छोड़ दे…भाभी ने हल्के से मेरे लंड को हाथ में लिया और धीरे से मुठिया ने लगी… उंगलिओ के स्पर्श से उसने अंगड़ाई ली पर टाइम लग रहा था… पर मेरी उत्तेजना के कारन ये जल्दी हो रहा था…मैं: मुह में ले… ऐसे नहीं खड़ा होगा…और भाभी ने मुँह में ले के उसे उकसाना चालू किया… धीरे धीरे कुछ ३-४ मिनिट में ही मेरा लण्ड खड़ा हो गया… इतना जल्दी वैसे कभी नहीं










