मुझे चुदाई बहुत पसंद है पर भगवान् को मेरे किस्मत में ये कमजोर आदमी ही लिखा था जो मेरी जिस्म की गर्मी को शांत नहीं कर पा रहा था। तो एक तरफ मेरा भाई जो एक नम्बर का चोदू इंसान जिसको छोड़कर बीवी भाग गयी और एक मैं एक नंबर का चुड़क्कड़ जिसकी चूत की गर्मी शांत ही नहीं होती।तो मैं वापस मायके आ गयी। मम्मी पापा से मनमुटाव हुआ तो मैं अपने भाई के पास नोएडा आ गयी। मेरा भाई नोएडा की एक कंपनी में काम करता है। और मैं भी यहाँ आकर जॉब ढूंढ रही हूँ। तो भाई को भी सहारा मिल गया और मेरा भी मन लगने लगा। फ्लैट में मैं और मेरा भाई ही रहता है।दिन भर वो ऑफिस जाता है और मैं दिन भर घर के काम काज कर के हमारी वासना डॉट नेट पर सेक्स कहानियां पढ़ लेती हूँ और अपने जिस्म को सहला लेती हूँ। पर मुझे तो लंड चाहिए था। पहले लगाए की किसी को पटा लूँ और उसी से चुद लूँ पर लगा की इसमें बदनामी हो सकती है और अगला इंसान क्या पता कैसा निकलेगा।इसलिए मैं भैया को ही यानी की विक्की पर ही डोरे डालने की सोच ली थी। तो एक दिन की बात है मैं उसके बर्थडे पर अच्छे अच्छे खाना बनाई और रात में दारू पीने का प्लान बनाया।










