जैसे ही हम रूम मे पहुँचे मेने दरवाज़ा लॉक कर दिया. हिंदी XXX उसके हाथ वहाँ क्या कर रहे थे मुझे समझते देर नही लगी.आचनक मेरी बीवी दिव्या ने अपनी आँखें खोली और मेरी तरफ देखी. में समझ गया कि उसका पानी छूट रहा है.मेने ज़ोर का धक्का लगाया और मेरे लंड ने भी अपने वीर्य की पिचकारी उसकी गांद मे छोड़ दी. दिव्या ने मुस्कुरा कर उसकी तरफ देखा और अपना मुँह खोल उसके लंड को अंदर ले लिया.“दिव्या में चाहता हूँ की तुम मेरा लंड ठीक उसी तरह चूसो जैसे तुमने पहली बार चूसा था. शशांक भी उसके मुँह मे लंड पूरा अंदर दे चोद रहा था. जब शशांक का पूरा लंड उसकी गांद मे घुस गया तो ज़ोर की सिसकारी निकली, “ओह ह्बीयेयेयेयान.” शशांक दिव्या की गांड की दीवारों को रौन्द्ता हुआ जड़ तक समा गया था. फिर उसने अपना पूरा मुँह खोल उसके लंड को अपने गले तक ले लिया.इतना कामुक और उत्तेजित नज़ारा देखकर मुझसे रहा नही जा रहा था. मेने भी उसे सहयोग दे अपनी जीब उसके मुँह में डाल घूमने लगा.में उसके होठों और जीब को चूस रहा था तो वो अपनी टाँगे फैला मुझसे बोली, “किशोर मेरे बदन को सहलाओ ना प्लीज़.” मेने उसकी ड्रेस के सामने की ज़िप को नीचे कर दिया और उसकी चुचियों को बाहर निकाल लिया.















