लंड मुँह में इतना अंदर लेना के मानो भैया के पास लंड हे ही नही… एक मर्द को कैसे खुश करना है… ये प्रतिभा भाभी अच्छी तरह से जानती है… भैया घर में दाखिल होते ही अगर ब्लाउज़ के अंदर हाथ न डाले तो उसे भी चैन नहीं पड़ता….मैं ये भावना में बह कर कुछ भी बोले जा रहा था क्योकि वो मेरे दोस्त थे… और वो सब चुपचाप मुझे सुने जा रहे थे…. XXX Hindi इसीलिए तो दूर रहता हु.. तो वो जवानी का क्या फायदा… आपको आदत नहीं पड़ी लगती… भैया आप पर भारी पड़ रहे है शायद…भाभी: क्यों क्यों क्यों?मैं: आप थक जाती है…भाभी: कल तो मैं बंधी हुई थी (मैंने देखने की कोशिश की थी पर अब परदे बंध रहते थे और टैप रेकॉर्डर रखके आह उह सुनने का क्या फायदा?)मैं: तो पिछले दिन को खुली थी.. मजा नहीं आता…भाभी: हा उतना मैं आकर सकती हूँ….आलम अब ये था के शाम तक समय कैसे निकाले? वो देख कर मेरा लंड और भी टाइट हो गया था… और भाभी को देखे मैं कुछ मज़े इस तरह ले रहा था…मैं सातवे आसमान मैं था… भाभी और भैया भी… और भैया का लंड जैसे ही कड़क हुआ के भैया ने भाभी को उठा कर पलंग पर पटक के रख्खा के भाभी के मम्मे उछल पड़े और वो कुछ अलग ही आनंद दे गए…















