पहले से सुंदर हो गई थीं। मैं दीदी के साथ उनके कमरे पर गया ये फ्लैट दीदी और उसकी एक दोस्त को कंपनी ने ही दिया था.. हिंदी XXX तो ये कमरा मैंने कैसे देखा??तभी अचानक से कैमरे में देखा हुआ कमरा याद आया और एकदम से मेरे मन में आया कि कहीं दीदी ही तो हॉर्नी गर्ल नहीं हैं। मैं दीदी की ड्रेस वगैरह ढूँढने लगा.. यार क्या मस्त गान्ड है.. सामने कोई अच्छा लड़का भी तो मिलना चाहिए ना..मैं- हाँ.. अब मेरा लंड उसकी बुर के पास स्पर्श हो रहा था। मुझे ऐसा लग रहा था कि जैसे मेरा लवड़ा उसके कपड़े को फाड़ कर बुर में चला जाएगा। फिर मैं हाथ नीचे ले जाकर उसके बुरड़ों को दबाने लगा और चूचियों के ऊपर किस करने लगा। मैंने उसे बिस्तर पर लिटा दिया और उसके चुचों को दबाने लगा।वो सिसकरियाँ लेने लगी ‘आआअह.. उसने ब्रा और पैंटी के ऊपर कुछ पारदर्शी ड्रेस पहनी थी। फिर वो पीछे मुड़ गई.. तो अबकी बार लंड का टोपा बुर में अन्दर फंस गया।वो दर्द से चिल्ला उठी.. कभी किसी लड़के ने नहीं दबाए?हॉर्नी गर्ल- हाँ..मैं- किसने?हॉर्नी गर्ल- एक ब्वॉयफ्रेण्ड था.. वो सिसकारियाँ भरने लगी और ‘आआआहह.. खैर.. बिना फेस के..हॉर्नी गर्ल- अभी नहीं..मैं- डर रही हो क्या..? हट दूर..मैं- नहीं दीदी..दीदी- यह ग़लत है.. तो मुझे वो कपड़े भी दिख गए.. जब भरोसा हो जाए..















