अई.. हिंदी XXX किसी से कहना मत। आज के बाद ऐसा नहीं करूंगा.”मै- “मुझे पहले नहीं पता था। नहीं तो तुम्हे ये सब करने की नौबत ही ना आती.”सुभाष- “आपका मतलब नहीं समझ में आया भाभी जी.”मै- “सुभाष जी मुझे पता होता तो तुम्हारे लिए भी कही जुगाड़ कर देती.”सुभाष- “किस चीज का जुगाड़ कर देती.”सुभाष जी बहुत ही भोले बनने लगे।मैं- “ज्यादा भोला बनने का नाटक न करो। मुझे सब पता है। तुम कितने भोले हो.”सुभाष- “सही भाभी कही कर दो उसका जुगाड़। अब रहा नहीं जाता उसके बिना.”मै- “मै तुम्हारी मदद कर सकती हूँ। लेकिन किसी से कहना मत.”सुभाष- “नहीं कहूंगा.”मैं- “जब तक मैं जुगाड़ करती हूँ। तब तक तुम मुझसे ही काम चला लो.”सुभाष हक्का बक्का रह गया। वो समझ ही नही पा रह था क्या बोलूं। इतना कहकर मै उससे और भी अच्छे से चिपक गई। सुभाष कहने लगा- “सच में भाभी तुम मुझसे चुदोगी.”मै- “हाँ लेकिन ये किसी को पता नहीं चलना चाहिए.”मेरे इतना कहते ही वो जोर जोर से मेरे होंठो पर किस करने लगा। उसके बाद धीरे धीरे मेरे मम्मो को दबाने लगा। मम्मो को दबाते ही मै गर्म होने लगी। मै बार बार उसका खड़ा लंड छूकर मजा ले रही थी। मेरे पति राकेश को इस बात का पता नहीं था।उस दिन तो मैंने अपने देवर सुभाष को खूब दूध पिलाया अपना। उन्होंने मेरी चूत चाटी।















