लेकिन हम लोगों ने उन पर ध्यान नहीं दिया और कुतुब मीनार की फोटो खींचने लगे. हिंदी XXX वहाँ रितिका ने एक उंगली अपनी चूत में डाली और बड़े हल्के हल्के से उसे अंदर बाहर करने लगी. आगे की कहानी अगले भाग में.अपने दोस्तों के साथ शेयर करे- फिर मैंने बस एक पीले कलर का टॉप डाला और नीचे कॉटन की गुलाबी कलर की केफ्री पहनी और मेरी बहन ने काले कलर की फ्रॉक पहन ली.और दिल्ली घूमने निकल गये और मेट्रो का टिकट लिया और सबसे पहले कुतुब मीनार देखने निकल गये. मैंने थोड़ी जगह बनाई और उसे उस आदमी से दूर अपने पास खींच लिया, लेकिन थोड़ी देर ही हुई होगी तभी कोई दूसरा आदमी मेरे कूल्हों पर हाथ फेरने लगा. फिर हमें यहाँ आये हुए कुछ दिन ही हुए थे और मेरा मन भी घर में बैठे-बैठ नहीं लग रहा था.तो मैंने और मेरी बहन ने सोचा की थोड़ा घूम आये तो माँ ने भी कहा कि दिन का समय है तुम घूमकर आ सकती हो, बस रात होने से पहले लौट आना तो पापा ने भी हाँ कह दी. मेरी बहन बहुत घबरा गई और तभी वो बदमाश लड़के बस स्टॉप पर आ गये और हमारे पीछे आकर खड़े हो गये.हम दोनों अब बहुत घबरा गये थे और में तो अब वहाँ से भागने की सोचने लगी, लेकिन किसी तरह















