और अब अंकल ने मेरे वेजाईना को जीभ से चाटना शुरू किया जिसमे मुझे अमेजिंग फीलिंग हुई. हिंदी XXX उसके बाद वो मुझे से बिलकुल चिपका के पागलों की तरह फेस और गर्दन पे किस करने लगे.मैं तो जैसे सहम गयी थी. उसके बाद वो मुझे से बिलकुल चिपका के पागलों की तरह फेस और गर्दन पे किस करने लगे.मैं तो जैसे सहम गयी थी. अंकल भी शायद आंटी की एब्सेंस में मुझसे कुछ ज्यादा ही बातें कर रहे थे. अंकल की गरम साँसों की आवाज़ मेरे कानो में बहुत करीब से आ रही थी. इस बार मेरा ध्यान गया. धीरे-धीरे समय बीतने लगा मैं वहां ठीक से एडजस्ट हो गयी थी. मैं अंकल से बोली “लेकिन अंकल ये तो बहुत बड़ा है ये कैसे…..?”अंकल ने जवाब दिया “सब चला जायेगा तुम देख तो सही”. अंकल भी शायद आंटी की एब्सेंस में मुझसे कुछ ज्यादा ही बातें कर रहे थे. थोड़ी देर बाद वो मेरा चेहरा पकड़ के मेरी आँखों में देखने लगे. डिनर के बाद हम दोनों टीवी देखने लगे. मेरे लिए ये पहला मौका था जब मैं किसी को अपने शरीर को देखने दे रही थी.मुझे शर्म जरूर आ रही थी लेकिन मैं उस दिन सब कुछ करने को उतारू थी.















