तो मैंने हाँ कर दी।कालेज से छुटने के बाद मै उसके साथ उसकी बाइक पे बैठ के उसके घर पे चली गयी। घर पहूँच कर वो बोले तुम यहा बैठो मैं तुम्हारे लिये कुछ लाता हूँ फ़िर हम काम शुरु करेंगें। मैंने कहा ठीक है तो वो गये और एक ग्लास मैं ड्रिन्क लेके आये और मेरे पास बैठ गये और मुझे ड्रिन्क दे दी।मैं उसे पिने लगी उसका स्वाद थोडा अजीब था लेकिन मैं पी गयी। वो अब भी मेरे पास बेठे थे और मुझे देख कर मुस्कुरा रहे थे। मुझे अजीब सा महेसुस होने लगा जैसे मैं हवा मैं उड रही हू। मुझे थोडी थोडी नींद आने लगी। शायद उसने ड्रिन्क मैं कुछ मिलाया था।तभी उसने मुझे पकड लिया और मेरे गुलाबी होठो को चुमने लगे, मैं कुछ बोलने कि हालत में नही थी। वो मुझे अपनी बाहो में भर कर चूम रहे थे और अपने एक हाथ को मेरी टी-शर्ट के अन्दर डाल कर मेरी ब्रा के उपर से ही मेरे स्तनो को दबाने लगे, पता नहीं उसने मुझे क्या दिया था मैं बहूत ही हेरान थी।फिर वो उठे और मुझे अपनी गोद मैं उठा लिया और एक कमरे में ले गये और मुझे बिस्तर पे पटक दिया। फिर वो मेरे उपर चढ गये और फ़िर मेरे होठो को चूसने लगे, और बोलने लगे बहूत दिनो से तुम्हे पाना















