फिर मैंने तुरंत अपनी गर्दन नीचे झुकाकर उनकी बात का जवाब दिया और उनसे कहा कि चाची मुझे थोड़ा ठंडा पानी चाहिए था.फिर वो मेरे मुहं से यह बात सुनकर झट से किचन के अंदर पानी लेने चली गई और मैंने उनसे पूछा कि क्यों चाचा कहीं नहीं दिखाई दे रहे? फिर में जाकर बैठ गया और कुछ देर बाद चाची साड़ी पहनकर बाहर आई, शायद उन्होंने उस समय ब्रा नहीं पहनी हुई थी.इसलिए उनके बूब्स कुछ ज़्यादा साफ, बड़े और उनकी निप्पल बिल्कुल साफ साफ नजर आ रही थी और वो उनके चलने पर कुछ ज्यादा उछल भी रहे थे, जिसको देखकर में मन ही मन उनकी तरफ आकर्षित होता जा रहा था और में लगातार उनके बूब्स को घूर घूरकर देखता रहा.दोस्तों कुछ देर बाद चाची ने मेरा हाथ पकड़कर मुझे पूरी तरह ऊपर से नीचे तक हिला दिया, तब जाकर में अपने होश में आ गया और वो मुझसे मुस्कुराकर पूछने लगी कि क्यों ऐसे कहाँ खो गए, क्या आज तुम मुझे कच्चा ही खा जाओगे? हिंदी XXX मैंने दरवाजे पर खड़े रहकर आवाज़ लगाई, दरवाजे को बहुत बार ठोका बजाया, लेकिन मेरे बहुत इंतजार करने पर फिर भी कोई भी दरवाजा खोलने नहीं आया.










