ऊँ… ऊँ… उनहूँ उनहूँ..” की जोर की चीखे निकालने लगी। मेरी चूत को फाड़ कर उसकी फाडू चुदाई कर रहे थे। बुर में पापा का लंड अंदर बाहर हो रहा था। पहली बार मेरी चूत में पापा ने अपना लंड घुसाकर दर्द का एहसास करा दिया था। मेरे को दर्द में भी मजा आ रहा था। चूत में पापा का लंड धमाल मचाये हुए थे।कुछ देर बाद मेरे को दर्द से राहत मिलने लगी। मै भी अपनी गांड उठाकर चुदवाने लगी। पापा को पता चल गया कि उनकी बेटी भी मूड में हो गयी है। वो जोर जोर से अपना लंड मेरी चूत में टांगों को पकड़ कर चोदने लगे। मै “….उंह उंह उंह हूँ.. हूँ… हूँ.. XXX Hindi अई… अई… अई…..” की चीखों के साथ उनका साथ निभा रही थी।पापा ने मेरी चूत को फाड़कर उसका बुरा हाल कर दिया था। आज मेरे को पता चल गया था कि दर्द में भी सब कैसे चुदवा लेती हैं। मैं भी बड़े मजे से चुदवा रही थी। तभी मेरी चूत में से माल निकलने लगा। पापा ने मेरी चूत के रस को पी लिया।उन्होंने मेरी ठुकाई बंद कर दी। उनका लंड अब भी बहोत कठोर था। उन्होंने मेरे को झुकाकर मेरी गांड की छेद पर अपना निशाना लगा लिया। मेरी टाइट गांड को भी वो फाड़ दिए। मै एक बार फिर जोर जोर से “हूँउउउ हूँउउउ हूँउउउ….















