क्या चिकनी छातियाँ थी उसकी। दूध पर काले काले गोल गोल घेरे बहुत सेक्सी और कामुक लग रहे थे।मैं अपने हाथो से उसके मम्मे सहला रहा था। मैं चुदासा और सेक्सी फील कर रहा था। हल्के हाथो से मैं अर्जुन की बीबी के मम्मे गूथ रहा था। वो “हूँउउउ हूँउउउ हूँउउउ ….ऊँ—ऊँ… ऊँ सी सी सी सी… हा हा हा.. XXX Hindi हर महीने तेरी बीवी कोई न कोई समान लेती रहती है। राज क्या है??” मैंने उससे एक दिन पूछा.अर्जुन मेरा सवाल सुनकर थोडा घबरा गया।“नही यार! बोलो पसंद आया की नही???” मीनाक्षी आँखें नचाकर बोली.“ओह्ह बेटीचोद!! हा हा हा करने लगा। मुझे मजा आ रहा था। मीनाक्षी शायद कई साल से धंधा कर रही थी। उसे फुल ट्रेनिंग थी। वो जल्दी जल्दी मेरे 10” के लंड को उपर नीचे करके फेटने लगी।“ऋषभ भैया तुम्हारा लंड इतना बड़ा कैसे है। अर्जुन का तो पिद्दी भर का है। बिलकुल मजा नही आता है” मीनाक्षी बोली.“जानेमन! क्या चिकनी छातियाँ थी उसकी। दूध पर काले काले गोल गोल घेरे बहुत सेक्सी और कामुक लग रहे थे।मैं अपने हाथो से उसके मम्मे सहला रहा था। मैं चुदासा और सेक्सी फील कर रहा था। हल्के हाथो से मैं अर्जुन की बीबी के मम्मे गूथ रहा था। वो “हूँउउउ हूँउउउ हूँउउउ ….ऊँ—ऊँ… ऊँ सी सी सी सी… हा हा हा..















