मैंने तुरंत अपनी बात बदलते हुए कहा, पागल है क्या. काफ़ी देर तक हम एक दूसरे को स्मूच करते रहे और फिर नंगे ही सो गये और पूरी दोपहर कब निकल गई मुझे पता ही नहीं चला.शाम को जब में उठी तो रितिका कांच के आगे अपने बाल काट रही थी, वो उस समय भी नंगी थी. हिंदी XXX और इतनी देर तूने किया क्या?तो वो बोली कुछ खास नहीं, माँ तो मार्केट चली गई थी तो मैंने अकेले ही लंच किया फिर कुछ देर टी.वी. में भी मुस्कुरा दी और फिर मैंने उससे पूछा टाईम क्या हो रहा है? तो वो बोली शाम के 5 बज रहे है. फिर वो उंगली को हल्के-हल्के अंदर बाहर करने लगी और मुझे मज़ा आने लगा, मेरे पेट में गुदगुदी सी होने लगी.फिर उंगली देते हुये उसने मेरी चूत को चूमा भी. दोस्तों आगे की कहानी अगले भाग में…अपने दोस्तों के साथ शेयर करे- तो वो बोली वो अभी नहीं आ रहे है, वो रात तक के लिए कह कर गये है और वो डिनर करके आयेंगे और हमारे लिए पैक करा लायेंगे. मैंने कहा और उनमें से किसी को कोई बीमारी हुई तो वो बोली तो उसे अपने साथ नहीं करने देंगे.















