मैंने भी अपना लंड निकल कर रगड़ना शुरू कर दिया. लेकिन वास्तव में उस समय मुझे भी औरत और आदमी के इंटरनल रिलेशन के बारे में नहीं मालूम था. हिंदी XXX एक दिन रात को मैं बहुत एक्साइटेड हो गया और मैं अपने बेड से निकल कर अंजू के बेड की तरफ चला गया. अंजू का यह इशारा था या कुछ और पर मैंने तुरंत ही अंजू की साडी घुटने तक लिफ्ट की और उसके चिकने लेग्स को टच किया और लिप किश करने लगा. ठीक इसी समय मेरे लंड ने भी अपना पानी झाड़ दिया और मेरा सारा तनाव ख़त्म हो गया.अब मुझे ग्लानि सी महसूस होने लगी थी मैंने अपनी चड्डी उठाई और गीले लंड को उठा कर अपने बेड पर आ कर सो गया. अंजू की उम्र उस समय *साल से कम नहीं लगती थी क्योंकि उसकी बॉडी हाई बिल्डप की थी. अब मैंने अंजू की तरफ ध्यान से देखना शुरू किया. वो पूरी तरह मेरी गिरफ्त में थी.मैं अपना लंड बाहर निकालता और फिर एक झटके से सारा अंदर डाल देता. मैं मस्ती में बात करते-करते उसकी बॉटम में चपत लगा दिया करता था. उस दिन मेरा एक नयी दुनिया में प्रवेश हुआ था, सेक्स वर्ल्ड बुक्स में देख कर ही हमने अनल सेक्स के बारे में जाना और मैंने मदुरेश की गांड में चुदाई की और मदुरेश ने मेरी















