‘उईई ईई…’ करके वो पलटी और उसने मेरे गाल पर एक झापड़ जड़ दिया!मैं अपना गाल मलता रह गया… अब मुझे लगा कि अभी तक ये ओरल सेक्स था, तो मैं एक तमाचा खा गया, कहीं अगर बुर छेदन पर बात आ गई और वो तड़प उठी तो वो मेरा तो कत्ल ही कर देगी। फिर भी मैं उसकी पीठ सहलाते सहलाते चूमने लगा लेकिन फिर भी उसने कोई रिऐक्ट नहीं किया.मैं चुपचाप उसकी पीठ चूमते-चूमते नीचे की तरफ बढ़ने लगा, मैंने उसके कूल्हे को चूमा, अब जाकर उसके जिस्म में कुछ कसमसाहट सी आई कि तभी मेरे दांत उसके कूल्हे में गड़ गये। ‘उईईईई मां…’ कहकर फिर वो उसी पोजिशन में लेट गई। मैंने दोनों कूल्हे को मसलना शुरू कर दिया और उसकी गांड के अन्दर थूक दिया और फिर धीरे से अपनी जीभ लगा दी.बस… वो फिर झटके से उठी और अपने को मुझसे अलग किया और बोली- क्या अशोक, क्या है ये सब? वो बाथरूम की तरफ भागी, मैं उसके पीछे बाथरूम में गया, मैंने सौम्या के दोनों कूल्हों को कस कर दबा दिया. हिंदी XXX बोलो?’मुझे लगा अब सौम्या भी मेरे रंग में रंगने को तैयार है, मैंने उसकी आँखों में देखा और बोला- जैसे मैं तुम्हारी गांड के साथ मजा लूंगा, वैसे ही तुमको भी मेरे साथ मजा लेना होगा।‘हाँ बाबा… मैं भी तुम्हारी गांड के साथ वैसा ही














