धुंधली चाँदनी में बहुत सॉफ तो नहीं दिख रहा था पर फिर भी उस लाल चूत की झलक से मैं ऐसा मस्त हुआ कि सीधा उस निचले मुँह का चुंबन ले लिया.पास से उसकी मादक खुशबू ने मुझे पागल सा कर दिया. हिंदी XXX मैं तो आपका गुलाम हो गया, अब आप जो कहेंगी, वही करूँगा.” वे प्यार से हँसने लगीं. मेरे इस अधीरता से चूत चाटना शुरू करने पर वे मस्ती से कराह उठीं. तक चाची की चूत में उतर गया.चाची सुख से सिसक उठीं. मैं समझ गया कि अब दिन निकल आया है और छत पर ऐसा करना ठीक नहीं. फिर वे बैंगन काटने लगीं. चाची तो पाँच मिनिट में ही झड. चाची ने दरवाजा बंद करके मेरे पास आकर मेरा हाथ पकडकर कहा. जब उनसे कहा तो वे मेरी ओर पीठ करके लेट गयीं. दोपहर तक बस टाइम पास किया क्योंकि घर में काम करने वाली नौकरानी आ गयी थी और वह खाना बनाने तक और हमारा खाना होकर बर्तन माँजने तक रुकी थी. उनकी चूड़ियाँ हमारे धक्कों से हिल डुलकर बड़े मीठे अंदाज में खनक रही थीं. मनीष बेटे चाची का पूरा ख़याल रखना, उसकी हर ज़रूरत पूरी करना, अब महीने भर घर को और चाची को तेरे सहारे ही छोड़.















