उसने रागिनी की चूत चाट चाट कर साफ कर दी।कामिनि- अक्षत अब मैं अपने बेडरूम में जा रही हूँ, बाकी का कार्यक्रम अब कल करेंगे।अक्षत- जी मामी जी।उसके बाद रागिनी ने अपने कपड़े पहने और बेडरूम में चली गई, अब रागिनी यही सोच रही थी कि कल अक्षत का लन्ड उसकी चूत में जायेगा। उसकी प्यासी चूत की प्यास बुझेगी। फिर जब रागिनी अक्षत के कमरे से अपने कमरे में आई तब तक उसके सर से हवश का असर कम हुआ और उसे होश आया कि उसने क्या कर दिया।रागिनी सोचने लगी- नहीं ये मुझसे क्या हो गया। नहीं ऐसा नहीं होना चाहिए था। बगल में दिनेश खर्राटे लेकर सो रहा था। इधर अक्षत सोच रहा था चलो शुरवात तो हुई, अब जल्द ही मामी की चूत में मेरा लन्ड होगा। फिर सुबह सब ने नाश्ता किया और फिर दिनेश अपने ऑफिस चला गया।रागिनी अक्षत से नज़र नहीं मिला पा रही थी। रागिनी ने काले रंग की लाल फूलों के प्रिंट वाली मैक्सी पहनी थी। उसने नहाके अभी बाल नहीं बांधे थे। वो घर के काम में लग गई। अक्षत टीवी देख रहा था।उसके दिमाग में यही चल रहा था कि कैसे मामी को चोदे। फिर ऐसे ही कुछ समय बीत गया।फिर दिन में दोनों ने खाना खाया, फिर कामिनि ने बर्तन धोये और फिर वो आराम करने के लिए अपने कमरे















