मैंने बोली आज कल का ज़माना ऐसा है की जिसके पास गर्ल फ्रेंड या बॉय फ्रेंड नहीं है उसकी कोई इज्जत उसके दोस्तों में नहीं है. तो वो बोले अखिलेश को जानती है. XXX Hindi मैं ध्यान भटकाने की कोशिश करने लगी. और फिर मैंने भी भैया के होठ को चूमने लगी.बात बढ़ गई और धीरे धीरे वो मेरी चूचियों को दबाने लगे. क्यों की मैं अपने रिश्ते की अहमियत को समझती थी. भैया अपना बनियान खोल कर पलंग पर लेट गए, मैं पलंग पर बैठ गई और उनके पीठ पर मालिश करने लगी. दर्द से छटपटा गई, मेरी चूत फट चुकी थी. भैया के लंड से थोड़ा सा वीर्य निकल गया था.वो मुझे नमकीन लगा और बहूत मजा आया. मेरी आँखे लाल हो गई थी.मेरी चूची के निप्पल एक दम कड़े हो गए थे. तो भैया बोले, आजकल दिशा मुझे लाइन दे रही है.मैं अवाक् रही गई. वो अब मेरी चूत में अपने मोटे लंड से पेलने लगा. दोस्तों आप विस्वास नहीं करेगे, उनका पजामा तम्बू बना हुआ था. अब कमरे में आह आह की आवाज गूंजने लगी.और वो मुझे निचे लिटा दिए और खुद ऊपर होक, मेरे पैरो को अलग अलग कर दिया, मैंने उसकी दिन अपने चूत के सारे बाल को काटे थे. उसके बाद ऊपर आये और मेरी चूचियों के निप्पल को पिने लगे.















