लोक लाज के भय से अभी तक कुंवारी बैठी थी. अब उन्होंने मेरे साए का नाड़ा खींच दिया, जिससे मेरी साड़ी एक झटके में उतर गयी.मैं बस ब्लाउज पैंटी में थी. XXX Hindi वो ऊपर से ही मेरी चूत रगड़ने लगी. मेरा मंगलसूत्र थोडा लम्बा था तो वो गले से नीचे मेरी गोलाइयों में अटका था. थोड़ी देर मुन्ह्चोदी के बाद उन्होंने अपना लंड निकला और मुझे बेड पर फेंका, उधर सास पहले से चुदाने में मशगूल थी. “अरी, आ गयी बहु? मैं दूसरी बार दह गयी. मैं हलकी हलकी सिस्कारियां भरने लगी.“बहू अब तू बिस्तर पर लेट जा, मैं ड्रेसिंग टेबल से क्रीम लाती हूँ.”मैं नंगी बिस्तर पर लेट गयी, और अपनी चूत में ऊँगली करने लगी. “माँ, इतना बड़ा कैसे लूंगी”“अरी, जब लेगी तो छोड़ेगी नहीं, पर तू घबरा मत, तेरे पति का भी कुछ दिनों में इतना ही बड़ा हो जायेगा, फिर तू दोनों से चुद्वाती रहना.”सासू माँ ने पहले अपने बेटे का सूपड़ा चाटा, मैं भी उनका अनुकरण करते हुए, अपने ससुर के लंड का सूपड़ा चाटने लगी. वो उनको बेतहाशा चूमने लगी. “माँ, इतना बड़ा कैसे लूंगी”“अरी, जब लेगी तो छोड़ेगी नहीं, पर तू घबरा मत, तेरे पति का भी कुछ दिनों में इतना ही बड़ा हो जायेगा, फिर तू दोनों से चुद्वाती रहना.”सासू माँ ने पहले अपने बेटे का सूपड़ा चाटा, मैं भी उनका अनुकरण करते हुए, अपने















