मेरी चूत चाटने में मेरी माँ जैसी मिल्फ को महारत हासिल है

ohh yes!!” वो कहने लगी.उनकी आग सी सुलगती सिस्कारियां मुझे और जोश दिला गयी और मैंने भी उनकी रंडियों जैसी ठुकाई शुरू कर दी। अब भव्या भाभी अपना सीना उठाने लगी और मेरे सीने पर बार बार दोनों हाथ लगा रही थी और ओंठो से मेरे सीने को किस कर रही थी।मैंने उसकी ठुकाई जारी रखी और कुछ देर बाद चूत में तेज चौके छक्के मारते मारते झड़ गया। जब नीचे देखा तो भाभी की गुलाबी चूत उपर तक मेरे माल से भर गयी थी। मैंने लौड़ा बाहर निकाला तो मेरा माल बाहर बहने लगा। भव्या भाभी उठ बैठी और रद्दी अखबार फाड़कर अपनी चूत पोछने लगी।“मस्त चुदाई करता है तू!!” भाभी बोली.“आप कहो तो रोज ही करा करूं” मैं बोला.उसके बाद हम दोनों की लेट गये। फिर भाभी कपड़े पहनकर रसोई में चली गयी और काम करने लगी। कुछ दिन बाद नया साल आने वाला था। मेरे भैया ने भव्या भाभी से प्रोमिस किया था की वो उनको बाहर किसी अच्छे रेस्टोरेट में डिनर पर ले जाएँगे।पर उस दिन मेरे भैया अपने ऑफिस की पार्टी में चले गये और 12 बजे तक लौटे ही नही। जब भव्या भाभी ने उनको काल किया तो वो अपने दोस्तों के साथ शराब पी रहे थे और बोले की सुबह तक आएँगे। ये सुनते ही भाभी का मुंह उतर गया तो मैंने कहा की भैया

मेरी चूत चाटने में मेरी माँ जैसी मिल्फ को महारत हासिल है

Related videos