तुम्हें।”उत्तर तो देना ही था और सुन कर वो मादक अंदाज़ में हंस पड़ी। अब मेरा एक हाथ उसके एक कंधे पर था और दूसरा स्पंजी चूचियों को सहला रहा था और उसने मेरे पप्पू को अपने हाथ से पकड़ कर अंगूठे से टोपी को रगड़ना शुरू कर दिया था।मैंने उसका आशय समझ कर अपने कपड़े उतारने में देर नहीं लगाई। चूँकि मैं एक अच्छे कसरती शरीर का स्वामी था इसलिए उसे पसंद न आने का सवाल ही नहीं था… बाकी मेरा पप्पू ज़रूर मेरे हिसाब से छोटा था लेकिन वो उसके साथ संतुष्ट थी तो ठीक ही था। मैं उसके पास ही बैठ गया।“मैं अभी आती हूँ।” कह कर वो उठी और चली ही गई।लेकिन दो मिनट में ही वापस लौट आई, अब उसके हाथ में एक फाइबर का कटोरा था जिसमें कोई लिक्विड था।“यह क्या है?”“लिक्विड चॉकलेट है… यह मस्त है, मेरी बनाई।”और उसने उंगली से थोड़ी लेकर मेरे होंठों पर फिराई, मैंने उसकी उंगली अन्दर ले ली और उसे चूसने लगा। फिर उसने उंगली से थोड़ी और लेकर अपने एक चुचूक पर लगाई और मुझे उसे मुँह में लेने के लिए और पास खिसकना पड़ा।एक हाथ मैंने दूसरी चूची के साथ लगा दिया और होंठों से दूसरे के निप्पल से चॉकलेट का स्वाद लेने लगा। उसके मीठे स्वाद के साथ उसके जिस्म से उठती भीनी भीनी खुशबू भी रल-मिल















