मुझेझे झे!! “….उंह उंह उंह हूँ.. हूँ… हूँ” माँ कहने लगी.चाचा जी भी आक्रामक होकर उनकी ठुकाई करने लगे। वो तेज झटके उनकी गुलाबी चूत में मारने लगे और जल्दी जल्दी चोदने लगे। माँ जन्नत का मजा लूटने लगी। तभी चाचा उसे अपनी बीबी के माफिक अपनी दोनों बाहों में समेट लिए और काफी देर तक पेलते रहे। फिर झड़ गये।“झड़ गया भाभी!!” अजय चाचा बोले.उनके लंड ने माल छोड़ दिया। वो अपना लौड़ा बाहर निकाले। माँ की गहरी चूत अजय चाचा के माल से भर गयी। वो माँ के उपर से हट गये और बगल में जाकर लेट गये।“लाओ!! XXX Hindi कैसा लगा मेरी बुर का रस???” माँ पूछने लगी.“बहुत टेस्टी है भाभी” अजय चाचा बोले.इस तरह उन्होंने 10 मिनट से अधिक देर तक माँ की चूत में ऊँगली की।““उ उ उ उ उ……अअअअअ अब मुझे अपने असली लौड़े से चोदकर मजा दो देवर जी” माँ कहने लगी.चाचा भी पुरे जोश में आ गये थे। वो अपना 6” लम्बा और 2” मोटा लंड हाथ में लेकर हिलाने लगे। उसे खड़ा करने लगे। उसे मुठ देते रहे और कुछ सेकंड में लौड़ा सांड जैसा दिख रहा था। वो माँ की चूत पर अपना सुपाडा रखे और रगड़ना चालु कर दिए।चूत के दाने को लंड के टोपे से रगड़ने लगे। माँ इधर उधर उछलती रही। फिर रगड़ रगड़ कर चूत के दाने को गर्म कर दिए। फिर माँ की बुर















