क्या आपको मेरे खुले बाल अच्छे नही लग रहे?”“जी, नही… ऐसी बात नही है… खुले बालों में आप बहुत सुंदर दिख रहीं है… बस मैं चाहता हूँ कि आप मेरे साथ डांस करते वक़्त और सैक्सी दिखें… आपकी पीठ नंगी रहेगी तो हम दोनो को डांस करने में मज़ा आएगा… आपने ब्रा तो नही पहन रखी होगी?”“क्यों?”डाक्टर साहब थोड़ा सपकपा गये, “जी, मिस कुछ नही, मैने ऐसे ही पूछ लिया…”“जी, नही…”“बहुत अच्छी बात है…”मैं हंस पड़ी, मैने कहा, “मैं जानती हूँ डाक्टर साहब… आप मेरे बूब्स (स्तनो) पर हाथ फेरना चाहते हैं…”डाक्टर साहब भी हंस पड़े, क्योंकि उनका इरादा यही था।मैं बोली, “ठीक है, मैं भी यहाँ तफ़री के लिए आई हूँ… मुझे कोई ऐतराज़ नही है… पर आप ज़ोर से दबाना मत, दर्द होती है…”मैंने एक बड़ा सा घूँट ले करके अपनी ड्रिंक खत्म की और फिर अपने बालों को समेट कर जुड़े में बांधा, फिर मैंने डॉक्टर साहब का हाथ पकड़ कर बोली, “चलिए डॉक्टर साहब, डांस करते हैं”. हिंदी XXX क्या आपको मेरे खुले बाल अच्छे नही लग रहे?”“जी, नही… ऐसी बात नही है… खुले बालों में आप बहुत सुंदर दिख रहीं है… बस मैं चाहता हूँ कि आप मेरे साथ डांस करते वक़्त और सैक्सी दिखें… आपकी पीठ नंगी रहेगी तो हम दोनो को डांस करने में मज़ा आएगा… आपने ब्रा तो नही पहन रखी होगी?”“क्यों?”डाक्टर साहब थोड़ा सपकपा गये,















