फिर प्रदीप से जब रहा नहीं गया तो उसने अपना लंड ज़ोर से चूत में पेल दिया और चूत चिकनाई युक्त होने से लंड आसानी से अंदर चला गया. XXX Hindi फिर भावना की उत्तेजना इतनी बढ़ चुकी थी कि चूत के रस की कुछ बूँदें ननद के होंठों पर जा गिरी.और नमकीन स्वाद से अपने होंठों को चूसते हुए नूतन बोली कि भाभी इस नमकीन चूत रस का स्वाद रात को भैया को भी चखा देना, क्योंकि उसके बाद भैया इस चूत में लंड डालने वाले है. फिर नूतन की नज़र भी भैया के पजामे के उभार पर गयी तो वो मुस्कुरा कर बोली कि भैया क्या हुआ कल नींद ठीक से आई ना?तो मुझे लगा कि कोई मेरे रूम में देख रहा था, लेकिन आप तो अपने रूम में थे. आवाज़ कम करो, कहीं नूतन ना सुन ले और मेरी बहन क्या सोचेगी? पिच तो साफ कर ली ना? फिर प्रदीप को अपनी बहन की बात सुनकर अजीब लग रहा था, लेकिन उस वक्त उसका लंड अपनी पत्नी की चूत में घुसकर उसको मज़े दे रहा था और वो मस्त चुदाई कर रहा था. अब भावना कुत्तिया की तरह हाँफ रही थी.जब प्रदीप का हाथ उसके चूत के दाने पर लगा तो उसका पानी निकलने लगा और भावना बोली कि प्रदीप चोद मुझे, भर दे मेरी कोख, बना दे मुझे माँ, चोद















