हा हा हा …..ऊऊऊ ….ऊँ..ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ..” की आवाज बार बार निकाल रही थी।इस बात में कोई शक नही था की सुधा को भी खूब मजा मिल रहा था। मनीष किसी वासना के पुजारी की तरह मेरी जवान और खूबसूरत बीबी के दूध चूस रहा था और हाथ से निपल्स को मसल मसल कर भरपूर मजा ले रहा था। कम से कम ५० मिनट तक उसने मेरी बीबी सुधा के होठ और रसीले दूध जी भरकर चूस लिए।फिर उसके सुधा की लोंग स्कर्ट को दोनों हाथ से पकड़कर नीचे खींच कर निकाल दिया। फिर सुधा की काली पेंटी भी निकाल दी। अब मेरी चुदक्कड़ बीबी एक गैर मर्द के सामने पूरी तरह से नंगी हो गयी थी। मनीष सुधा के चिकने और उजले रंग के पेट को चूमने और चाटने लगा। सुधा को भरपूर मजा मिल रहा था।मैं घर के बाहर पैसा कमाने के लिए गली लगी भटक रहा था, धूप में धक्के खा रहा था और मेरी बीबी ac की ठंडी ठंडी हवा में मेरे दोस्त का मोटा लंड खाने वाली थी। मनीष बड़ी देर तक सुधा के सेक्सी पेट को चूमता और चाटता रहा और उसकी सेक्सी नाभि में जीभ डालता रहा।फिर वो सुधा की चूत पर पहुच गया। सुधा की चूत बड़ी ही सुंदर और साफ़ दिख रही थी। आज चुदवाने के लिए उसने सुबह की अपनी चूत को क्लीन















