शादी मुझसे और चुदाई मेरे भाई से?”मैंने संजय की और ऊपर देखा और बोली, “साले भड़वे, तू अपनी बीबी को क्या समझता है? XXX Hindi तुझमें अगर दमखम है तो दिखा मुझे अपने लण्ड का जोश। तुम अपने आप को क्या समझते हो? संजय मेरी और देखने लगा।मैंने कहा, “औरत और मर्द मिलते हैं ना? संजय ने फिर मेरी गर्दन ऊपर की और उठाई और मेरी और तीखी नजर से जब देखा.तो मैंने कहा, “अरे छोडो भी। मैं क्यों हाँ कहूं? तुझमें अगर दमखम है तो दिखा मुझे अपने लण्ड का जोश। तुम अपने आप को क्या समझते हो? मैंने संजय का हाथ पकड़ कर उसे जल्दी से खिंच कर अंदर बुला लिया ताकि कोई पडोसी उसे देख ना पाए की इतनी रात गए संजय मेरे दरवाजे पर क्यों खड़ा था।मैंने उसे “हाय” कह कर सीधा ही पूछा, “आप कैसे घर में आ गए? मैं तुम्हें छोडूंगा नहीं, मैं तुम्हें चोदुँगा। तुम भी तो यही चाहती हो ना?”संजय ने मेरे मन की बात कैसे समझ ली यह मैं नहीं जानती? उन पर नहीं होता?” संजय ने मुझे पूछा।मैंने कहा, “मैं यह सब नहीं जानती। पर तुम कुछ भी ऐसा नहीं करोगे बस, मैंने कह दिया तो कह दिया।”तब मैंने संजय के चेहरे पर निराशा का भाव देखा। मैं मेरे दिल और दिमाग के बिच हो रहे संघर्ष से परेशान थी। मैंने अपनी नज़रे झुका















