लकड़ी की छड़ी से चुदाई करती हुई गर्म भाभी का दूसरा हिस्सा

रोकना चाहती है, तो मना कर दे.. XXX Hindi पहले तो बड़ा नाटक कर रही थी, फिर बड़े मुश्किल से बताया हरामिन ने कि अपने बुआ के लड़के से फंसी थी।‘तो घर का आदमी ही मेरी मिठाई जूठी कर गया?’अंकिता ने ‘हाँ’ में सिर हिलाया।मैंने सोचा कि जब मादरचोदी.. उसे कैसे भूलूँ?’‘ठीक है….बुला ले।’रात के 11 बजे का हम दोनों इंतजार करने लगे। आखिर वो पल्सर से आया। साला मुझसे 1 या 2 इंच लम्बा होगा। देखने में कोई बहुत स्मार्ट भी नहीं था। तो यह था, जिसने मेरी बीवी की सील तोड़ी है.. मैंने सोचा। उसका नाम प्रवीण था। अंकिता ने उसे सब बता दिया था कि मुझे सब पता चल गया है।दोनों आज साथ में उसे चोदेंगे, यह भी बता दिया था। ‘हाय..’ मैंने हाथ मिलाया। अंकिता मादरचोदी उसे देखते ही फूल की तरह खिल गई थी। मैं और प्रवीण साथ में बैठ कर बातें करने लगे। प्रवीण की शादी हो चुकी थी। मैं काम की बात करना ठीक समझा।‘तुम्हारी बीवी की सील बंद थी??’ मैंने पूछा।‘नहीं, खुली थी।’ उसने कहा।‘अच्छा..!’ मुझे ताज्जुब हुआ।‘किसने चोदा था उसे पहली बार??’‘उसके साथ पढ़ता था… उसी ने..’‘अरे मादरचोद… आजकल सील बन्द लड़कियाँ तो बड़ी दुर्लभ बात हो गई है।अंकिता को साथ में चोदा जाए??’ मैं मुआयना लेते हुए पूछा।प्रवीण तो खिल पड़ा।‘देखो, वैसे तो मैं मिल-बाँट कर खाने वाला आदमी नहीं हूँ, पर तुमने इसकी

लकड़ी की छड़ी से चुदाई करती हुई गर्म भाभी का दूसरा हिस्सा

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