वो मुझे गेट पर ही मिला वो खड़ा था.मैं खुश हो गई, और ट्रेन रुकते ही वो मुझे प्रणाम किया, और मैं भी ट्रेन में सवार हो गई. XXX Hindi तब से आज तक किसी ने छुआ नहीं है.अब वो अपने जीभ को लपलपाने लगा और मेरी चुचिओं को घुर घुर देखने लगा, मैं समझ गई की आज मेरी दस साल की प्यास बुझने वाली है, मैं एक सेक्सी स्माइल दी, और उसके करीब आ गई और वो भी कपकपाते हाथ से मुझे पकड़ा और अपना होठ मेरे होठ पर रख दिया. मैं दो तिन बार पानी छोड़ चुकी थी, और वो मेरी चूत की पानी को चाट रहा था. मुझे भी लगा की ठीक है, और मैं भी तैयार हो गई.एक दिन पहले ही फ़ोन आ गया था विकाश का की दीदी तुम तैयार रहना, करीब साढ़े दस बजे के करीब स्टेशन आ जाना, मैं तुम्हारा टिकेट भी बनवा दिया हु, तो बी १ में आ जाना सेकंड एसी में, मैं टाइम से पहुच गई. पर अचानक मम्मी का फ़ोन आया की गरिमा, विकाश कटनी गया है, वो परसों वापस हो रहा है, तो तू भी साथ ही चली आओ. “Widow Sister Fuck”फिर क्या था मेरे तन बदन में आग लग गई, मैं भी मर मिट गई और अपने आप को सौंप दी, फिर क्या था वो लगा मेरी चुचियों को मसलने, ट्रेन















