बाजार में वो कुछ लेने आये थी. वो चाय बन लाई. हिंदी XXX एक हाथ उसकी गरदन के नीचे से डाल एक चुची पकड़ ली और मुँह निप्पल्स पर लगा चूसने लगा.वो आह आह ऊऊऊ करने लगी. बाहर से आये हो?”“हाँ दिल्ली से.” “आई वांट तो मेक लव टू यू” मैंने बहुत डर कर कहा.वो हंस पड़ी और बोली- “लव भी करना है और डरते भी हो मर्द हो घर चले आओ.”मैं उसके साथ उसके घर पहुँच गया वो बोली “चाय पियोगे?”मैंने कहा “पी लूंगा.”असल में तो मेरा मन पहले उसकी बड़ी-बड़ी चूचियों से दूध पीने का हो रहा था. साथ ही अपनी ज़बान से उसकी ज़बान के बीच युद्ध करने लगा. आज मैं आप सबको मेरी जवानी की एक चुदाई की कहानी सुना रहा हूँ. फिर लंड को झड़ने से पहले बाहर खींच लिया और वो अपनी ज़बान निकाल बैठ गई जिस पर मैंने अपना सारा प्यार के शहद (हनी) टपका डाला. उसको देखते ही दिल ने कहा इस जवानी के समुन्दर में ज़रूर डूबना है.इसकी बड़ी-बड़ी चूचियां और पीछे से भरी मांसल चूतड़ अंदर गांड की खूबसूरती बता रहे थे. जल्दी से आप अपनी और मेरी प्यास बुझा दो.”मैं आराम से लेट गया और उसके गुलाबी नरम होंटो को अपने होंटो में दबा कर चूसने लगा.















