हेलो दोस्तों ये मेरी पहली कहानी हैं इस प्लेटफॉर्म पर, उम्मीद करती हूं की आप सब को मेरी ये कहानी पसंद आएगी। मेरा नाम पूजा हैं और मैं 18 की दहलीज पर खड़ी हूं, मेरा जिस्म भरा पूरा हैं, दोनों चूचियां 30 इंच की गोल और उभरी हुई हैं और ऊपर से निपल्स तो गज़ब के तने हुए हैं. XXX Hindi “पूजा पूजा क्या हुआ बेटा, ऐसे दरवाजा क्यों बंद रखा हैं, जल्दी खोल……” मैं पूरी तरह घबरा उठी और एकदम से बॉथरूम में भागी.. गिला हो रखा था, मै उसे छूने लगी, और मेरे अंदर करेंट दौड़ गया, अब मैं क्या ही बयां करूं दोस्तों कैसा लगा था मुझे, मेरे जहन में पापा का ख्याल आया और उस कलमुही का.और मैं दोनों को सोचते हुए अपनी चूची को दबाने लगी जैसे पापा दबा रहे थें, फिर चूत को भी उंगली डाल कर देखने लगी, पर मैं अपनी छोटी और पतली उंगली डालने से घबरा रहीं थीं, इसलिए बाहर से ही खूब सहलाया और आनंद लेने लगी कि तभी, जोरो से कोई दरवाजा पीटने लगा…….. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.पापा कितना जोर लगा सकते थें वो लगा कर जम कर चूत को फाड़ रहें थें, साथ ही उनका एक हांथ उसकी गोरी चूची को बेदर्दी से मसल रहा था, और दूसरा उसके कमर पर था। मेरा पूरा जिस्म















