उसके बाद भी जब और थेल कर अंदर घुसाने लगा तो मैं बोली, “और अंदर कहाँ करोगे, अब तो सारा का सारा अंदर कर चुके हो. फहाआद्द्दद्ड….. हिंदी XXX कुच्छ देर में ही उसने थोड़ा सा लंड अंदर करने में सफलता प्राप्त कर ली थी. एका एक विक्रम बोला, “तुम्हारी चूत इतनी कमसिन और टाइट है कि क्या कहूँ?”उसकी बात सुनकर मैं मुस्कुरा कर रह गयी. वैसे तो मम्मी मुझे ड्राइव करने से मना करती थी, मगर मैं अक्सर ड्राइवर को घूमने के लिए भेज देती और खुद ही कार लेकर सैर करने निकल जाती थी.स्कूल में पढ़ने वाला एक लड़का मेरा दोस्त था. मुझे याद है की प्यार की शुरुआत भी मैने ही की थी जब हम दोनो बाइक में बैठ कर घूमने जा रहे थे.मैं पीछे बैठी हुई थी जब मैने रोमॅंटिक बात करते हुए उसके गाल पर किस कर लिया. तभी उसने लंड को थोड़ा और आगे मेरे होंठो से ही सटा दिया, उसके लंड के दहाकते हुए सुपादे का स्पर्श होंठो का अनुभव करने के बाद मैं अपने आप को रोक नहीं पे और लंड के सुपादे को जल्दी से चूम लिया.एक बार चूम लेने के बाद तो मेरे मन की झिझक काफ़ी कम हो गयी और मैं बार बार उसके लंड को दोनो हाथो से पकड़ कर सुपादे को चूमने लगी, एकाएक उसने सिसकारी लेकर लंड को थोड़ा सा















